माडर्न इंजीनियरिंग के पितामह इस्माइल अल जज़री

स्माइल अल जज़री को " Father of modern day engineering " कहा जाता है वहीं कुछ लोग उन्हें " Father of robotics" भी कहते हैं उन्होंने दुनिया को बताया कि ऐसी मशीनें बनाई जा सकती हैं जिसे किसी मनुष्य या जानवर के ताक़त की ज़रुरत न हो , उन्होंने थ्योरी दी कि गोल गोल तेज़ घूमने से ऐसा पावर जनरेट होता है जो चीज़ों को आगे बढ़ा सकता है 



उन्होंने पहला camshaft बनाया और पहले crankshaft बनाने का सेहरा भी उन्हीं के सर है यानी वह इंजन के अविष्कारक थे , वह यूरोप से दो सौ साल पहले ईंजन बनाने में कामयाब हो चुके थे।

 इसी तरह उन्होंने रोबोट की शुरुआत की जो मनुष्य के शक्ल के खिलौने थे जिन से अलग-अलग काम लिया जाता था जैसे म्युजिक बजाना , पानी व शरबत को सर्व करना आदि इन्होंने ने पहला वाटर सप्लाई सिस्टम दिया जो गियर व हाइड्रोपावर से चलता था , इस सिस्टम का नाम सिकाया था और इसे दमशिक में लागू भी किया गया पहला फ्लश सिस्टम टाइलेट भी इन्हीं की देन है।

 आज के तुर्की और उस समय सीरिया में स्थित राज्य दियारे बकर के क्षेत्र "जज़ीरा इब्ने उमर " से इनका संबंध था सन् 1136 में जन्म लेने वाले जज़री का नाम बदीउज़्ज़मान अबुल इज़्ज़ था इस्माईल उनके पिता का नाम था पर वह अपने पिता के नाम से मशहूर हो गए 

जज़री के समय बगदाद में अब्बासियों की ख़िलाफत थी जिनकी ओर से राज्य दयारे बकर में बनी अर्तक की हुकूमत थी जिन्होने जज़री के कामों की कद्र की जज़री को न सिर्फ अच्छी नौकरी दी बल्कि हर तरह से हौसला भी बढ़ाया ।

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दयारे बकर के शासकों के कहने पर जज़री ने एक किताब "الجامع بين العلم والعمل النافع في صناعة الحيل" लिखी जो "كتاب الحيل" के नाम से मशहूर हुई यह किताब जज़री ने 25 वर्षों की कड़ी मेहनत के बाद लिखी इस में 100 मशीनों के डिजाइन और उनके बनाने के तरीके लिखे हैं 

इस किताब का अनुवाद इंग्लिश में मशहूर इतिहासकार व वैज्ञानिक डोनाल्ड हिल ने किया उन्होंने किताब का नाम "The Book of knowledge of ingenious mechanical devices " रखा 

यूरोपीय वैज्ञानिकों और लेखकों ने इनकी दिल खोलकर प्रशंसा की है 1206 में इनका इंतकाल हो गया।


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